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هلي يا ريح
الجنوب |
واحملي شمس
بلادي |
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أرسلي ذهباً
وتبرا |
من ذرا قدس
الجهاد |
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من فلسطين
دياري |
أرض شام
واعتدادي |
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فيها طفلُ صار
رمحا |
شق صدراً
للأعادي |
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يرسل الأحجار
ناراً |
من أبابيل
الوقادي |
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فيها أمٌ تسقي
نورا |
ضاء في كل
الوهادي |
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فيها نبت
الزهر يرسل |
عطره في كل
وادي |
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فيها نهر
الزيت يجري |
من جدود
كالعماد |
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نورها قران
ربي |
شمسها الصحب
الشداد |
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أرضها عجنت
بدم |
فهي حناء
الوداد |
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أرض إسراء
ومرقى |
ورباط وجهاد
وطراد |
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حتى يوم البعث
يأتي |
فهي حشرٌ
للعباد |
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